top of page

आम से खास जन को जल, बिजली और रोजगार की योजनाओं के सन्दर्भ में जागरूक होना है

Updated: Apr 23, 2020


परमाणु सहेली डॉ. नीलम गोयल

परमाणु सहेली डॉ. नीलम गोयल ने गुनाडा के विनय इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में चैयरमेन श्री जीतेन्द्र जी, प्रबंध निदेशक श्री क्रुणाल जी और प्रिन्सिपल श्रीमती बीना जी के निर्देशन में एक सेमीनार का आयोजन किया। सेमीनार में स्कूल के सभी शिक्षकगणोंवा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सेमीनार का उद्देश्य राष्ट्र की मुख्य योजनाओं के सन्दर्भ में जागरूक करना था। परमाणु सहेली ने बताया कि किसी भी देश, राज्य या क्षेत्र की आवाम सच्चे व सतत विकास की राह पर चलती रहे इस हेतु उसकी तीन प्रमुख आवश्यकताएं हैं- सतत रूप में जल, बिजली व यातायात की व्यवस्था। इन तीन की व्यवस्थाओं का स्तर ही उस क्षेत्र, राज्य या देश के विकास का स्तर को नापता है।

परमाणु सहेली ने जब छात्र-छात्राओं से सवाल किया कि कौन-कौन किसान बनाना चाहते हैं, तो केवल 2 छात्रों ने ही हाथ खड़ा किया। लेकिन जब बताया गया कि, हमारे देश में बारोमास पानी व चौबीसों घंटों बिजली का सतत प्रवाह होता रहे तो, किसान वर्ष भर में तीन फसलें उगा पायेगा, इससे प्रति हेक्टेयर 5 से 9 लाख रूपये की सालाना आमदनी होगी। और पानी के समुचित प्रवाह एवं बिजली उत्पादन की सभी योजनाओं के सन्दर्भ में बताया तो, दोबारा यही प्रश्न पूछने पर 75 प्रतिशत छात्रों ने किसानी करने हेतु हाथ ऊँचा किया। चायना अपनी 1400 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि से 3 लाख अरब रूपये के बराबर का विकास देता है। जबकि, भारत के पास चायना से ज्यादा 1600 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होते हुए भी यह कृषि से सालाना 37 हजार अरब रूपये के बराबर का ही उत्पादन दे पाता है। चायना में प्रतिव्यक्ति बिजली उपभोग 5000 यूनिट है, भारत में यह 1000 यूनिट ही है। चायना में नदी-जलाशयों-नहरो, कृषि, बिजली, यातायात व उद्द्योग-धन्धों की उत्कृष्ट योजनाएं समयान्तर्गत क्रियान्वित होती रही हैं, जिसके फलस्वरूप वहाँ की प्रतिव्यक्ति औसत आय 7 लाख रूपये है, जबकि भारत में सभी उत्कृष्ट योजनाओं का विरोध होता रहा है, अतः अभी तक भारत 86500 रूपये की प्रतिव्यक्ति आय पर ही अटका हुआ है। चायना में कुल नौकरी पेशा लोग 10 करोड़ तक हैं, जिनकी सालाना आय 7 लाख रूपये या इससे अधिक है। भारत में केवल 50 लाख ही ऐसी नौकरियों में हैं, जिनमें उनकी सालाना आय 4 लाख रूपये व इससे अधिक है। भारत में सिविल सर्विसेज अधिकारी 45000 हैं, जबकि चायना में 3 लाख व्यक्ति सिविल सर्विसेज में अधिकारी पदों पर हैं। भारत की जनता अपनी ही योजनाओं का स्वयं विरोध कर समग्र विकास को लीलती रही है।

जनता अपनी अज्ञानता वश अपने ही चहुँमुखी विकास की इन योजनाओं के विरोध में मरने-मारने की हद में धरना दे कर बैठ जाती रही है। योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं पाया है।

परमाणु सहेली गुजरात व राजस्थान की आवाम को जागरूक करने हेतु वह मिशन पर निकली है। परमाणु सहेली का कहना है कि भारत की जागरूक आवाम देश की प्रजातांत्रिक प्रणाली का सही मायने में अर्थ समझ पाएगी और फिर एशिया में समग्र विकास का मुख्य उत्कृष्ट माध्यम भी प्रमाणित कर पाएगी।

सभी ने पूरी लगन के साथ इस सेमीनार को देखा व सुना। और फीडबैक के रूप में कहा गया कि परमाणु सहेली देश की आवाम को सभी अंतहीन नकारात्मक मुद्दों से बाहर निकलते हुए सतत विकास की राह पर चलने हेतु उचित एवं एकमात्र विकल्प की दिशा दे रही हैं। हम सब के लिए यह बहुत ही सौभाग्य की बात है।



Comments


Thanks for submitting!

APEAF

C-199/A, 80 feet road

Mahesh Nagar

Jaipur, Rajasthan

302015

    

bkps_shadow_email_edited.png

© 2023 APEAF

© 2023 APEAF, Inc. All Rights Reserved.

Conditions of Use | Privacy Policy

bottom of page