top of page

परमाणु ऊर्जा

Updated: Apr 21, 2020


परमाणु ऊर्जा से 1300 यूनिट सालाना प्रतिव्यक्ति बिजली प्राप्त करने के लिए 600 वर्ग किलोमीटर भूमि की आवश्यकता होगी।परमाणु ऊर्जा के 1000 मेगावाट के पावर प्लांट से 550 अरब रूपये से लेकर 5500 अरब रूपये के बराबर के विकास में बढ़ोतरी होती है।  परमाणु ऊर्जा से प्रतिवर्ष प्रतिव्यक्ति औसतन 115 यूनिट के हिसाब से भारत की पूरी जनता को बिजली मुहैया करवाने के लिए 330 अरब रूपये की लागत के पावर प्लांट लगाने होंगे।भारत की योजना के मुताबिक़ 2000 यूनिट प्रतिव्यक्ति प्रतिवर्ष के हिसाब से परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन के लिए तकरीबन 4,80,000 मेगावाट के परमाणु पावर प्लांट लगाने होंगे, जिनके स्थापन का खर्चा तकरीबन 96,000 अरब रूपये आएगा।इतनी दर से बिजली प्राप्त करने में 300 व्यक्तियों के हताहत होने की सिर्फ संभावना रहेगी। भारत के पास ईंधन की किसी प्रकार से कोई कमी नहीं है।भारत आज यदि 153 हजार मेगावाट के परमाणु बिजलीघर लगाने हेतु बाहरी सहायता ले रहा है तो सिर्फ इसलिए कि बिजली की किल्ल्त भरे कठिन समय में बिजली की कमी की वजह से भारत में अराजकता न फैल जाए।भारत के पास अपना थोरियम चक्र तकरीबन तैयार हो चुका है।आने वाले समय में भारत परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाने के सन्दर्भ में स्वयं ही आत्मनिर्भर हो जाएगा।अकेली परमाणु ऊर्जा के बल पर कई सदियों तक बिजली की डिमांड को भारत सतत रूप से पूरी करता रहेगा।यह एक अकाट्य सत्य है कि परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाना हर लिहाज से सर्वोत्तम है, लेकिन विज्ञान व तकनीकि के सन्दर्भ में वास्तविक संसार के ज्ञान से अनजान होने और भ्रांतियों एवं पूर्वाग्रहों व तथाकथित खैख्वाह के चलते इसी स्त्रोत का भारत में सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है। जहाँ तक बात ईंधन से लेकर इन परमाणु बिजलीघरों की स्थापना, प्रचालन और रक्षण-अनुरक्षण की है, तो हकीकत यह है कि भारत इस क्षेत्र में समूचे विश्व में सबसे ज्यादा श्रेष्ठ हो चुका है। इसके आलावा, कोयला, जल, हवा और अन्य भारत की आवश्यक बिजली की पूर्ति करने में नितांत रूप से असक्षम है। 250-250 यूनिट जल एवं पवन से, 1000 यूनिट कोयले से व 300 यूनिट इनमें से जल से अधिकतम सीमा में बन सकती है। 

इस थोड़ी सी ही सच्चाई से यह बात तो स्पष्ट हो जाती है कि हमें सभी स्त्रोतों से उनकी उपलबधता एवं  महत्वता को मद्देनजर रखते हुए बिजली का उत्पादन करना होगा। साथ ही, हमारी सभी नदियों के अन्तर्सम्बन्ध की योजना का भी समान्तरीय रूप से क्रियान्वयन होना होगा।

Comments


Thanks for submitting!

APEAF

C-199/A, 80 feet road

Mahesh Nagar

Jaipur, Rajasthan

302015

    

bkps_shadow_email_edited.png

© 2023 APEAF

© 2023 APEAF, Inc. All Rights Reserved.

Conditions of Use | Privacy Policy

bottom of page